सती प्रथा का निषेध करता है वेद
 
 
गो मांस: वेद, चिकित्सा विज्ञान और भ्रांतियां
 
 
वेद व हिन्दू पुस्तकों में जातिवाद का कोई स्थान नही
 
 
श्रीमद् भागवत गीता भी जात-पात का निषेध करता है
 
 
वेद और हिंदू धर्मशास्त्रो द्वारा जातिवाद का निषेध
 
 
   
ओ.पी. गुप्ता, फिनलैड मे भारत के राजदूत
1946 मे वाराणसी मे जन्मे ओमप्रकाश गुप्ता वर्तमान मे फिनलैड मे भारत के राजदूत है। गीता और वेदो का गहन अध्ययन करने वाले श्री गुप्ता ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपनी मेधा के बल पर इन्होने 1967 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का चांसलर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त अपने अध्ययन काल के दौरान चार और गोल्ड मेडल भी प्राप्त किये। अध्ययन के बाद ये अध्यापन से भी जुड़े और साइंस कालेज तथा इंस्टीटयूट ऑफ टेकनेलॉली मे कुछ साल अध्यापन किया। 1970 मे ये भारतीय सीमा शुल्क व केद्रीय उत्पाद कर सेवा के लिए चुन लिए। इसके कुछ ही समय बाद इनका चयन भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के लिए हो गया। भारतीय विदेश सेवा से जुड़ने के बाद इन्होने संयुक्त अरब अमीरात, नाईजीरिया, ग्रेट ब्रिटेन, मे महत्वपूर्ण पदो पर कार्य किया। इसके उपरांत ये तंजानिया और जमैका मे भारत के उच्चायुक्त तथा डोमिनिकन रिपब्लिक मे भारत के राजदूत रहे। सितंबर 2001 से ये फिनलैड मे भारत के राजदूत है। दो बच्चो के पिता श्री गुप्ता ने वेदो का गहन अध्ययन किया है और उसके आधार पर वे इसकी विवेचना करते है। उनका कहना है कि वेदो मे स्पष्ट है कि जन्म से प्रत्येक हिन्दू बराबर है। इतना ही नही वेदो मे लिंग के आधार पर धार्मिक भेदभाव भी नही किया गया है। वेदो मे भी उन्हे बराबरी का दर्जा है।

(लेख मे व्यक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार है। इससे भारत सरकार को कोई लेना देना नही है।)