शरीर पर तिल होने का फल
स्थान------------ फल
माथे पर ---------बलवान हो
ठुड्डी पर ---------स्त्री से प्रेम न रहे
दोनो बाहो के बीच -- यात्रा होती रहे
दाहिनी आँख पर ---स्त्री से प्रेम रहे
बायी आँख पर ----स्त्री से कलह रहे
दाहिने गाल पर -----धनवान हो
बाँये गाल पर -----खर्च बढ़ता जाये
होठ पर ----------विषय-वासना मे रत रहे
कान पर ----------अल्पायु हो
गर्दन पर ----------आराम मिले
दाहिनी भुजा पर ------ मान-प्रतिष्ठा मिले
बाँयी भुजा पर -------झगड़ालू हो
नाक पर ------------यात्रा होती रहे
दहिनी छाती पर -------स्त्री से प्रेम रहे
बाँयी छाती पर -------स्त्री से झगड़ा रहे
कमर मे ------------आयु परेशानी से गुजरे
दोनो छाती के बीच -----जीवन सुखी रहे
पेट पर -------------उत्तम भोजन का इच्छुक
पीठ पर -------------प्राय: यात्रा मे रहा करे
दाहिनी हथेली पर ------- बलवान हो
बाँयी हथेली पर -------खूब खर्च करे
दाहिने हाथ की पीठ पर ---- धनवान हो
बाँये हाथ की पीठ पर ----- कम खर्च करे
दाहिने पैर मे -----------बुद्धिमान हो
बाँये पैर मे -----------खर्च अधिक हो
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